निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए.
आँसुओं का कोष उर, दृग अश्रु की टकसाल;
तरल जल-कण से बने घन-सा क्षणिक मृदुगात!
जीवन विरह का जलजात!
अश्रु से मधुकण लुटाता आ यहाँ मधुमास;
अश्रु ही की हाट बन जाती करुण बरसात!
जीवन विरह का जलजात!
काल इस को दे गया पल-आँसुओं का हार;
पूछता इस की कथा निःश्वास ही में वात
जीवन विरह का जलजात !
जो तुम्हारा हो सके लीला कमल यह आज,
खिल उठे निरुपम तुम्हारी देख स्मित का प्रात!
जीवन विरह का जलजात!
'जो तुम्हारा हो सके लीला कमल यह आज'
प्रस्तुत पंक्ति में रेखांकित शब्द में कौन-सा सर्वनाम प्रयुक्त हुआ है:
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → पुरुषवाचक
रेखांकित शब्द तुम्हारा मध्यम पुरुष 'तुम' का रूप है, इसलिए यह पुरुषवाचक सर्वनाम है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: निजवाचक — 'स्वयं, खुद, अपना' जैसे शब्द।
विकल्प 2: प्रश्नवाचक — 'कौन, क्या' जैसे शब्द।
विकल्प 4: संबंधवाचक — 'जो-सो' जैसे शब्द; पंक्ति का 'जो' संबंधवाचक है, पर वह रेखांकित शब्द नहीं है।