निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
पूरब से पश्चिम तक फैली,
जिसकी पर्वत-माला है।
यही हिमालय अपनी उत्तर,
सीमा का रखवाला है॥
हिम का मुकुट शीश पर धरता,
आसमान से बातें करता।
सूरज की स्वर्णिम किरणों में,
इसका जगमग रूप निखरता॥
कल-कल बहते निर्झर जल में,
इसने अमृत डाला है।
यही हिमालय अपनी उत्तर,
सीमा का रखवाला है॥
हिमालय किसकी रखवाली करता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → सीमा की
काव्यांश कहता है: “यही हिमालय अपनी उत्तर, सीमा का रखवाला है”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: रेखा की — काव्यांश में रेखा की रखवाली का कोई उल्लेख नहीं।
विकल्प 2: अमृत की — हिमालय ने निर्झर जल में अमृत डाला है, उसकी रखवाली की बात नहीं।