सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :
| सूची-I (रस) | सूची-II (उदाहरण) |
|---|---|
| (A). वीभत्स | (I). पत्थर तिरते नीर पर, देख सभी हैरान। / अचरज से सब कह उठे, यह कैसा विधान॥ |
| (B). करुण | (II). सीमा पर डटकर खड़ा, सैनिक सीना तान। / पीछे पग हटना नहीं, चाहे जाएँ प्रान॥ |
| (C). अद्भुत | (III). पति की चिता के पास वह, बैठी है बेहाल। / रो-रो सूखे नैन हैं, बिखरे उसके बाल॥ |
| (D). वीर | (IV). शव पर बैठे गिद्ध सब, खींच रहे हैं आँत। / ऐसी उठती गंध है, घिन से भिंचते दाँत॥ |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → (A) - (IV), (B) - (III), (C) - (I), (D) - (II)
| सूची-I (रस) | सूची-II | व्याख्या |
|---|---|---|
| (A) वीभत्स | (IV) शव पर बैठे गिद्ध सब, खींच रहे हैं आँत। / ऐसी उठती गंध है, घिन से भिंचते दाँत॥ | शव, आँतें और दुर्गंध से घृणा; स्थायी भाव जुगुप्सा। |
| (B) करुण | (III) पति की चिता के पास वह, बैठी है बेहाल। / रो-रो सूखे नैन हैं, बिखरे उसके बाल॥ | पति की मृत्यु पर विलाप; स्थायी भाव शोक। |
| (C) अद्भुत | (I) पत्थर तिरते नीर पर, देख सभी हैरान। / अचरज से सब कह उठे, यह कैसा विधान॥ | पानी पर पत्थर तैरने से आश्चर्य; स्थायी भाव विस्मय। |
| (D) वीर | (II) सीमा पर डटकर खड़ा, सैनिक सीना तान। / पीछे पग हटना नहीं, चाहे जाएँ प्रान॥ | प्राण देकर भी डटे रहने का संकल्प; स्थायी भाव उत्साह। |