निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
लंदन के किसी अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित एक सम्मेलन में चंद्रवासियों के बारे में चर्चा हुई और कहा गया कि चाँद में ऐसी चीज़ें मौजूद हैं, जो किसी एलियन या ईटी सभ्यता की निशानी हैं। कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि चाँद का यह हिस्सा, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता, एलियंस का बेस हो सकता है। अभी तक सभी चंद्रयान उस हिस्से में उतरे हैं, जो पृथ्वी से दिखाई देता है। बाकी हिस्सा, जो अँधेरे में खोया रहता है, रहस्यमय बना हुआ है। इंसान का मन कभी भी यह मानने को तैयार नहीं है कि इन अनंत यूनिवर्स में वह अकेला है और कहीं अरबों-खरबों ग्रहों में कहीं जीवन नाम का चमत्कार नहीं है, इसलिए एलियंस की खोज, अनजान रेडियो संकेतों को पकड़ने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए जा रहे हैं। रेडियो टेलीस्कोप स्पेस की गहराइयों में कान लगाए हुए हैं। उस क्षण का बेसब्री से इंतज़ार है, जब किसी एलियन का संकेत देती एक अजनबी क्लिक सुनाई देगी और विस्मय की एक कौंध के साथ हमारी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी। 17,129 तारों की लिस्ट में वैज्ञानिकों ने पाँच ऐसे तारे चुने हैं, जहाँ जीवन की संभावनाएँ सबसे अधिक हैं और जहाँ बुद्धिमान प्राणियों के विकास की सभी भौतिक परिस्थितियाँ मौजूद हैं। अमेरिका में मैसाच्युसेट्स वेधशाला ने एक ऐसा ताकतवर टेलीस्कोप बनाया है, जो बारीक-से-बारीक संकेतों को पकड़ सकेगा। यह मौजूदा टेलीस्कोपों की तुलना में एक लाख गुना बड़े स्पेस को कवर कर लेगा। चंद्रमा और धरती का संबंध तो बहुत गहरा है बल्कि चाँद धरती का ही टुकड़ा है, तो यह कैसे हुआ कि जीवन सिर्फ़ धरती पर पैदा हुआ? चंद्रमा के बिना पृथ्वी पर जीवन हो ही नहीं सकता था। चार अरब साल पहले चाँद हमसे अबकी तुलना में ज्यादा करीब था। इसके कारण कुछ ही घंटों के दर से ज्वार आते थे। इन ज्वारों से तट की लवणता में नाटकीय उतार-चढ़ाव होता था, जिससे डी.एन.ए जैसे शुरुआती जैव अणुओं का विकास हुआ होगा। सोचिए, क्या चाँद को इसी तरह पृथ्वी जीवन नहीं दे सकती थी?
चंद्रमा के विषय में मानव क्या मानने को तैयार नहीं है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → अरबों-खरबों ग्रहों में कहीं जीवन नाम का चमत्कार नहीं है
गद्यांश कहता है: “इंसान का मन कभी भी यह मानने को तैयार नहीं है कि ... कहीं अरबों-खरबों ग्रहों में कहीं जीवन नाम का चमत्कार नहीं है”
अन्य विकल्प — उपग्रह होना, दिखाई देने वाला भाग और टेलीस्कोप से ग्रह देखना — ऐसी बातें नहीं हैं जिन्हें मानने से मानव मन इनकार करता हो।