नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
रियासत के कर्मचारियों और रईसों ने जानकीनाथ की तरफ देखा। उम्मीदवार दल की आँखें उधर उठीं, मगर उन आँखों में सत्कार था, इन आँखों में ईर्ष्या।
सरदार साहब ने फिर फरमाया आप लोगों को यह स्वीकार करने में कोई आपत्ति न होगी कि जो पुरुष स्वयं जख्मी होकर भी एक गरीब किसान की भरी हुई गाड़ी को दलदल से निकालकर नाले के ऊपर चढ़ा दे, उसके हृदय में साहस, आत्मबल और उदारता का वास है। ऐसा आदमी गरीबों को कभी न सतावेगा। उसका संकल्प दृढ़ है, जो चित्त को स्थिर रखेगा। वह चाहे धोखा खा जाए, परंतु दया और धर्म से कभी न हटेगा।
इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक बताइए
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → दृढ़ संकल्प
गद्यांश साहस, आत्मबल और उदारता वाले व्यक्ति की प्रशंसा करता है: “उसका संकल्प दृढ़ है, जो चित्त को स्थिर रखेगा”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: स्वार्थ — उस व्यक्ति ने घायल होकर भी गरीब किसान की सहायता की; यह स्वार्थ का उलटा है।
विकल्प 3: पराजय — हार का कोई प्रसंग नहीं है।
विकल्प 4: लोलुपता — लालच का कोई प्रसंग नहीं है।