प्रस्तुत पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें।
सूरज हमें रोशनी देता, हवा नया जीवन देती है
भूख मिटाने को हम सबको, धरती पर होती खेती है।
औरों का भी हित हो जिसमें, हम ऐसा कुछ करना सीखें।
खुशबू भरे फूल देते हैं, हमको नव फूलों की माला,
त्यागी तरुओं के जीवन से हम भी तो कुछ देना सीखें।
जो अनपढ़ हैं उन्हें पढ़ाएँ, जो चुप हैं उनको वाणी दें।
हम मेहनत के दीप जलाकर, नया उजाला करना सीखें।
पद्यांश में कवि द्वारा प्रयुक्त 'उजाला' शब्द से तात्पर्य नहीं है -
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → मेहनत के काम करवाना
कवि के अनुसार 'नया उजाला' करने का अर्थ है औरों का हित करना, अनपढ़ों को पढ़ाना और चुप लोगों को वाणी देना। कवि “हम मेहनत के दीप जलाकर” कहकर स्वयं मेहनत करने की बात करता है, दूसरों से मेहनत के काम करवाने की नहीं।
अन्य विकल्प — औरों का हित, अनपढ़ों को शिक्षित करना और चुप लोगों को वाणी देना — पद्यांश के अनुसार 'नया उजाला' करने के काम हैं।