निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
अट नहीं रही है
आभा फागुन की तन
सट नहीं रही है।
कहीं साँस लेते हो,
घर-घर भर देते हो,
उड़ने को नभ में तुम
पर-पर कर देते हो,
आँख हटाता हूँ तो
हट नहीं रही है।
पत्तों से लदी डाल
कहीं हरी, कहीं लाल,
कहीं पड़ी है उर में
मंद-गंध-पुष्प-माल,
पाट-पाट शोभा-श्री
पट नहीं रही है।
'पर-पर कर देते हो' पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है -
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → पुनरुक्ति प्रकाश
जहाँ एक ही शब्द की उसी अर्थ में आवृत्ति हो, वहाँ पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार होता है; यहाँ 'पर' शब्द दो बार आया है: “पर-पर कर देते हो”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: उपमा — पंक्ति में सा, सम, जैसे जैसा कोई वाचक शब्द नहीं है।
विकल्प 2: रूपक — यहाँ उपमेय पर उपमान का आरोप नहीं किया गया है।
विकल्प 4: उत्प्रेक्षा — पंक्ति में मनु, जनु, मानो जैसी संभावना नहीं है।