निम्नलिखित पद्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़ते हुए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: धूप चमकती है चाँदी की साड़ी पहने, मैके में आयी बेटी की तरह मगन है। लंहगे को लहराती चलती हवा चली है, सारंगी बजती है खेतों की गोदी में। दल के दल पक्षी उड़ते हैं मीठे स्वर के, अनावरण यह प्राकृत छवि की अमर भारती। रंग बिरंगी पंखुरियों की खोल चेतना, सौरभ से मंह –मंह महकाती है दिगंत को, मानव मन को भर देती है दिव्य दीप्ति से। शिव के नंदी-सा नदिया में पानी पीता, निर्मल नभ अवनि के ऊपर बिसुध खड़ा है। काल काग की तरह ठूंठ पर गुमशुम बैठा, खोयी आँखों देख रहा है दिवास्वप्न को। |
'धूप चमकती है चांदी की साड़ी पहने वाक्य में कौन सा अलंकार है? |
यमक उपमा मानवीकरण रूपक |
मानवीकरण |
सही उत्तर विकल्प (3) है → मानवीकरण |