निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के उत्तर दीजिए:-
नदी के उस पार जाने को
मेरा बहुत मन करता है माँ;
वहाँ कतार में
बंधी हैं नावें बाँस की खूँटियों से|
उसी रास्ते दूर-दूर जाते हैं
हल जोतने किसान
कन्धों पर हल रखे,
रंभाते हुए गाय-बैल
तैरकर जाते हैं उस पार
घास चरने
शाम को जब वें
लौटते हैं घर
ऊँची-ऊँची घास में छिपकर
हुक्के-हो करते हैं सियार|
माँ तू बुरा न माने तो
बड़ा होकर मैं नाव खेने वाला
एक नाविक बनूँगा |
नदी के उस पार जाने को
मेरा बहुत मन करता है माँ;
वहाँ कतार में
बंधी हैं नावें बाँस की खूँटियों से|
उसी रास्ते दूर-दूर जाते हैं
हल जोतने किसान
कन्धों पर हल रखे,
रंभाते हुए गाय-बैल
तैरकर जाते हैं उस पार
घास चरने
शाम को जब वें
लौटते हैं घर
ऊँची-ऊँची घास में छिपकर
हुक्के-हो करते हैं सियार|
माँ तू बुरा न माने तो
बड़ा होकर मैं नाव खेने वाला
एक नाविक बनूँगा |
इस कविता में कौन किसे सम्बोधित कर रहा है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
प्रस्तुत काव्यांश में लेखक एक बच्चा बनकर अपनी माँ को सम्बोधित कर रहा है|
कि माँ मेरा नदी के पार जाने का मन कर रहा है|
कि माँ मेरा नदी के पार जाने का मन कर रहा है|