प्रस्तुत पद्यांश से संबंधित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखें -
मण थें परस हरि रे चरण॥ टेक॥
सुभग सीतल कंवल कोमल, जगत ज्वाला हरण।
इण चरण प्रह्लाद परस्यां इन्द्र पदवी धरण।
इण चरण ध्रुव अटल करस्यां, सरण असरण सरण।
इण चरण ब्रह्मण्ड भेट्याँ, नखसिखां गिरि भरण।
इण चरण कालियां णाथ्यां गोपी लीला करण।
इण चरण गोबरधन धार्यां गरब मधवा हरण।
दासि मीरां लाल गिरधर, अगम तारण तरण॥
प्रस्तुत पद्यांश में 'गिरधर' शब्द किसके लिए प्रयोग हुआ है -
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → श्री कृष्ण
“दासि मीरां लाल गिरधर” — मीरा के आराध्य श्री कृष्ण ही गिरधर हैं, जिन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाया (“इण चरण गोबरधन धार्यां”)।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: श्री राम — गोवर्धन धारण कृष्ण ने किया था।
विकल्प 3: मीराबाई — मीरा स्वयं को गिरधर की दासी कहती हैं।
विकल्प 4: श्री उद्धव — कृष्ण के सखा हैं; गिरधर नहीं।