निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए-:
नहीं झुका करते जो दुनिया से
करने को समझौता,
ऊँचे से ऊँचे सपनों को
देते रहते जो न्योता,
दूर देखती जिनकी पैनी
आँख भविष्यत् का तम चीर,
मैं हूँ उनके साथ खड़ी
जो सीधी रखते अपनी रीढ़|
ऊँचे से ऊँचे सपनों को निमंत्रण देने का भाव क्या है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
पद्यांश में "ऊँचे से ऊँचे सपनों को निमंत्रण देने" का अर्थ है कि उच्च कोटि के सपने देखना और उन्हें साकार करने का प्रयास करना। कवि उन लोगों का समर्थन कर रही है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। वे विषम परिस्थितियों और अन्याय के सामने भी नहीं झुकते, और हमेशा आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।