निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
संस्कृत में ये ग्रन्थ नाना पदार्थों पर लिखे गये हैं, जिनमें सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण ताड़ के पत्ते हैं. पंजाब और कश्मीर को छोड़कर बाकी सारे भारत में इन पत्तों का उपयोग होता था. उत्तर भारत में इन पर स्याही से लिखा करते थे और दक्षिण भारत में लोहे की कलम से अक्षर कुरेद दिया करते थे, बाद को उस पर स्याही फेर देते थे. सबसे प्राचीन ताड़-पत्रों की पुस्तक सन् ईसवी की दूसरी शताब्दी की है. मकार्टने ने काशगर से जो प्राचीन हस्त-लेख संग्रह किये थे, उनमें का एक ताड़पत्र का ग्रन्थ सन् ईसवी की चौथी शताब्दी का है. जापान में इस देश की सन् ईसवी की छठी शताब्दी की लिखी हुई दो पुस्तकें 'प्रज्ञापारमिता-हृदय' और 'उष्णीषविजयधारिणी' सुरक्षित है. ताड़पत्रों के बाद भूर्ज-त्वक् या भोजपत्रों का स्थान है. मध्ययुग की भूर्जपत्र वाली पुस्तकों की जिल्द भी बंधने लग गई थी. हिमालय के पाद देश में इन पत्रों का अधिक उपयोग होता था. कागज पर लिखी गई सबसे पुरानी पुस्तक ईसा की तेरहवीं शताब्दी की बताई जाती है. इन चीजों के सिवा रुई के कपड़े, लकड़ी के पट्टे, रेशमी कपड़े और चमड़े पर भी संस्कृत पुस्तकें लिखीं जाती थीं.
कागज़ पर लिखी सबसे प्राचीन पुस्तक का समय है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → तेरहवीं शताब्दी
गद्यांश कहता है: “कागज पर लिखी गई सबसे पुरानी पुस्तक ईसा की तेरहवीं शताब्दी की बताई जाती है.”
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: चौथी शताब्दी — काशगर वाले ताड़पत्र ग्रंथ का समय।
विकल्प 2: दूसरी शताब्दी — सबसे प्राचीन ताड़-पत्रों की पुस्तक का समय।
विकल्प 4: छठीं शताब्दी — जापान में सुरक्षित दो पुस्तकों का समय।