प्रस्तुत गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए: महाभारत में देश के प्रायः अधिकांश वीर कौरवों के पक्ष में थे। मगर फिर भी जीत पांडवों की हुई, क्योंकि उन्होंने लाक्षागृह की मुसीबत झेली थी, वनवास के जोखिम को पार किया था। साहस की जिन्दगी सबसे बड़ी जिंदगी होती है। ऐसी जिंदगी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह बिल्कुल निडर, बिल्कुल बेखौफ होती है।साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। जनमत की उपेक्षा करके जीने वाला आदमी दुनिया की असली ताकत होता है और मनुष्यता को प्रकाश भी उसी आदमी से मिलता है। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना साधारण जीव का काम है। क्रांति करने वाले लोग अपने उद्देश्य की तुलना न तो पड़ोसियों के उद्देश्य से करते हैं और न अपनी चाल को ही पड़ोसी की चाल देखकर माध्यम बनाते हैं, बल्कि निडर होकर अपने लक्ष्य को पूरा करते हैं। |
पांडवों की जीत के पीछे क्या कारण बताया गया है? |
सत्य की शक्ति कृष्ण का साथ भाग्य का साथ संकटों का मुकाबला करना |
संकटों का मुकाबला करना |
सही उत्तर विकल्प (4) है → संकटों का मुकाबला करना |