गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए- हिंदी शब्द का प्रयोग हम विविध अर्थों में करते हैं। सुविदित है कि हिंदी भारत की राजभाषा है। राज शब्द का प्रयोग भाषा के लिए बहुत अच्छा नहीं है क्योंकि भारत की कोई भाषा प्रजा भाषा नहीं है। राजभाषा का अर्थ केवल केंद्र की सरकारी भाषा है। हिंदी भारत की संपर्क भाषा है। इसका अर्थ यह है कि केंद्रीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच संपर्क की भाषा है। हिंदी मूलतः हिंदी भाषी क्षेत्र अर्थात हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राज्य भाषा है। इन क्षेत्रों की अपनी अपनी बोलियाँ हैं। आदिवासियों की बोलियाँ तो अपना स्वतन्त्र अस्तित्व रखती हैं। हिंदी क्षेत्र की प्रमुख बोलियाँ हैं- कुमांउनी, गढ़वाली, हिमाचली, हरियाणवी, खड़ी बोली, ब्रजी, अवधी, बघेली, बुन्देलखंडी और भोजपुरी। इन बोलियों की अनेक उपबोलियाँ हैं। कहा जाता है कि दस कोस पर भाषा बदल जाती है। प्रश्न यह है कि इस बहु बोली समूह को हम हिंदी क्यों कहते हैं? या दूसरे शब्दों में, हम हिंदी के अंतर्गत क्यों मानते हैं? ऐसा इसलिए है कि इनका व्याकरणिक रूप थोड़ी भिन्नता के बावजूद समान है। इनकी शब्दावली भी अधिकांशत समान है। इन बोलियों और उपबोलियों का व्यवहार करने वाले एक दूसरे की बोली समझ लेते हैं। |
खड़ी बोली, ब्रज,अवधी और भोजपुरी को हिंदी की बोली क्यों कहा जाता है? |
व्याकरणिक असमानता के कारण व्याकरणिक समानता के कारण लिपि समान होने के कारण क्षेत्र एक होने के कारण |
व्याकरणिक समानता के कारण |
सही उत्तर विकल्प (2) है → व्याकरणिक समानता के कारण |