निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
नीलाम्बर-परिधान, हरित-पट पर सुंदर है।
सूर्य-चन्द्र युग-मुकुट मेखला रत्नाकर है।
नदियाँ प्रेम-प्रवाह, फूल तारे मंडन है।
बंदीजन खगवृन्द, शेषफन सिंहासन है।
करते अभिषेक पयोद हैं, बलिहारी इस वेश की।
हे मातृभूमि! तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की।
कवि के अनुसार मातृभूमि कैसी है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → सर्वेश की सगुण मूर्ति
काव्यांश कहता है: “हे मातृभूमि! तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: सुंदर हरित पट — मातृभूमि को हरित-पट पर सुंदर कहा गया है; वह स्वयं हरित पट नहीं है।
विकल्प 3: सत्य की प्रतिमूर्ति — काव्यांश में 'सत्य ही' आया है; मूर्ति सर्वेश की बताई गई है, सत्य की नहीं।