नीचे दिए गए पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिये -
लक्ष्मी थी या दुर्गा थी, वह स्वयं वीरता की अवतार,
देख मराठे पुलकित होते उसके तलवारों के वार,
नकली युद्ध, व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार,
सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना ये थे उसके प्रिय खिलवार,
महाराष्ट्र कुलदेवी उसकी भी आराध्य भवानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।
हुई वीरता की वैभव के साथ सगाई झाँसी में,
ब्याह हुआ रानी बन आई लक्ष्मीबाई झाँसी में,
राजमहल में बजी बधाई खुशियाँ आई झाँसी में,
सुभट बुंदेलों की विरुदावलि-सी वह आई झाँसी में।
प्रस्तुत पद्यांश में रानी के लिए इनमें से किस विशेषण का उपयोग नहीं किया गया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → विदुषी
पद्यांश में रानी के लिए “लक्ष्मी थी या दुर्गा थी, वह स्वयं वीरता की अवतार” कहा गया है; 'विदुषी' शब्द कहीं नहीं आया।
अन्य विकल्प — लक्ष्मी, दुर्गा और वीरता की अवतार — पहली पंक्ति में ही रानी के लिए प्रयुक्त हैं।