यमक और श्लेष अलंकार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
(A). श्लेष में उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप होता है।
(B). यमक में एक ही शब्द एक से अधिक बार आता है और हर बार उसका अर्थ भिन्न होता है।
(C). श्लेष में कोई शब्द एक ही बार आता है, पर उससे एक से अधिक अर्थ निकलते हैं।
(D). यमक में किसी एक वर्ण की बार-बार आवृत्ति ही पर्याप्त होती है।
(E). यमक में शब्द की आवृत्ति होती है, जबकि अनुप्रास में वर्ण की।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → केवल (B), (C) और (E)
यमक में शब्द की आवृत्ति भिन्न अर्थों में होती है, जबकि श्लेष में एक ही बार आया शब्द अनेक अर्थ देता है।
(A) श्लेष में उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप होता है। — गलत; उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप रूपक का लक्षण है।
(B) यमक में एक ही शब्द एक से अधिक बार आता है और हर बार उसका अर्थ भिन्न होता है। — सही; यह यमक की परिभाषा है।
(C) श्लेष में कोई शब्द एक ही बार आता है, पर उससे एक से अधिक अर्थ निकलते हैं। — सही; यह श्लेष की परिभाषा है।
(D) यमक में किसी एक वर्ण की बार-बार आवृत्ति ही पर्याप्त होती है। — गलत; वर्ण की आवृत्ति अनुप्रास का लक्षण है।
(E) यमक में शब्द की आवृत्ति होती है, जबकि अनुप्रास में वर्ण की। — सही; यमक शब्द-आवृत्ति पर और अनुप्रास वर्ण-आवृत्ति पर आधारित है।