'शृंगार' रस का स्थायी भाव क्या है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → रति
शृंगार रस का स्थायी भाव रति (प्रेम) है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: उत्साह — वीर रस का स्थायी भाव।
विकल्प 3: क्रोध — रौद्र रस का स्थायी भाव।
विकल्प 4: हास — हास्य रस का स्थायी भाव।