निम्नलिखित काव्यांश पद्यांश को पढ़कर उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए-
चल नाविक मँझधार मुझे दे दे बस अब पतवार मुझे,
इन लहरों के टकराने पर आता रह-रहकर प्यार मुझे।
मत रोक मुझे, भयभीत न कर, में सदा कँटीली राह चला,
मेरे पथ के पतझारों में ही नव-नूतन मधुमास पला।
मैं हूँ अबाध, अविराम, अथक, बंधन मुझको स्वीकार नहीं-
मैं नहीं, अरे, ऐसा राही जो बेबस सा मन मार चला।
दोनों ही ओर निमंत्रण है इस पार मुझे उस पार मुझे।
रंगीन विजय-सी लगती है, संघर्षों में हर हार मुझे।।
मैं हूँ अपने मन का राजा, इस पार रहूँ, उस पार चलूँ,
में मस्त खिलाड़ी हूँ ऐसा, जी चाहे जीतूँ, हार चलूँ,
मेरी पतवारों पर साथी! लहरों की घात नहीं चलती-
मेरी तो आदत ही ऐसी-संघर्ष बीच हर बार चलूँ।
'पतवार' किसे कहा जाता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → वह लकड़ी जिससे नाव चलाई जाती है।