उधर गरजती सिन्धु लहरियाँ, कुटिल काल के जालों सी ।
चली आ रही फेन उगलती, फन फैलाये व्यालों-सी ।।
उपर्युक्त पंक्तियों में कौन सा रस है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → भयानक रस
समुद्र की लहरों को काल के जाल और फन फैलाए साँपों जैसा बताकर भय जगाया गया है; स्थायी भाव भय है, इसलिए यह भयानक रस है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: करुण रस — स्थायी भाव शोक।
विकल्प 2: वीभत्स रस — स्थायी भाव जुगुप्सा (घृणा)।
विकल्प 3: अद्भुत रस — स्थायी भाव विस्मय।