'उघरे अंत न होय निबाहू' लोकोक्ति का सही अर्थ है-
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → भेद खुलने पर दुर्गति निश्चित है
उघरे अंत न होय निबाहू का अर्थ है कि कपट का भेद खुल जाने पर अंत में निर्वाह नहीं होता, अर्थात् दुर्गति निश्चित है।
अन्य विकल्प — समय पर काम न हो तो बेकार, बहुत प्रताड़ित करना और अपनी ही शक्ति का विश्वास करना — इस लोकोक्ति के अर्थ नहीं हैं।