प्रस्तुत पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें।
सूरज हमें रोशनी देता, हवा नया जीवन देती है
भूख मिटाने को हम सबको, धरती पर होती खेती है।
औरों का भी हित हो जिसमें, हम ऐसा कुछ करना सीखें।
खुशबू भरे फूल देते हैं, हमको नव फूलों की माला,
त्यागी तरुओं के जीवन से हम भी तो कुछ देना सीखें।
जो अनपढ़ हैं उन्हें पढ़ाएँ, जो चुप हैं उनको वाणी दें।
हम मेहनत के दीप जलाकर, नया उजाला करना सीखें।
उपर्युक्त पद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक क्या हो सकता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → त्याग की शिक्षा
पद्यांश का केंद्रीय भाव है “हम भी तो कुछ देना सीखें”: सूरज, हवा, धरती, फूल और त्यागी तरुओं से त्याग की शिक्षा लेना।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: मेरा देश — देश केवल पहली पंक्ति में आया है; मुख्य भाव देना (त्याग) है।
विकल्प 2: मेरा जीवन — पद्यांश व्यक्तिगत जीवन के बारे में नहीं है।
विकल्प 3: मेरा परिश्रम — 'मेहनत' केवल अंतिम पंक्ति में आई है।