दी गई पंक्तियों में कौन-सा स्थायी भाव है?
"मेला उठा तो जूठे पत्तल सड़ने लगे, भिनकने लगीं मक्खियाँ; नाक दबाकर, मुँह फेरकर निकल गए राहगीर"
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → जुगुप्सा
सड़ते पत्तल और मक्खियाँ देखकर घृणा का भाव है, अतः स्थायी भाव जुगुप्सा है (वीभत्स रस)।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: भय — भयानक वस्तु से डर; भयानक रस का स्थायी भाव — यहाँ डर नहीं है।
विकल्प 2: क्रोध — अपमान या अन्याय पर रोष; रौद्र रस का स्थायी भाव — यहाँ रोष नहीं है।
विकल्प 4: शोक — प्रिय के नाश या मृत्यु का दुख; करुण रस का स्थायी भाव — यहाँ किसी का दुख नहीं है।