निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
नीलाम्बर-परिधान, हरित-पट पर सुंदर है।
सूर्य-चन्द्र युग-मुकुट मेखला रत्नाकर है।
नदियाँ प्रेम-प्रवाह, फूल तारे मंडन है।
बंदीजन खगवृन्द, शेषफन सिंहासन है।
करते अभिषेक पयोद हैं, बलिहारी इस वेश की।
हे मातृभूमि! तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की।
उपर्युक्त काव्यांश में प्रेम का प्रतीक किसे कहा गया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → नदियाँ
काव्यांश कहता है: “नदियाँ प्रेम-प्रवाह”।
अन्य विकल्प — खग-वृन्द को बंदीजन कहा गया है, पयोद अभिषेक करते हैं और हरित-पट पर मातृभूमि सुंदर है; इन्हें प्रेम का प्रतीक नहीं कहा गया।