निम्नलिखित गद्याश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
अपनी भाषा की इतनी ही हैसियत है, जो हुआ या जिसका झूठा हल्ला है, उसका जिक्र इसी प्रतिष्ठा की भाषा में कर सकता हूँ। अंग्रेजी में कहते हैं- 'कांप्रोमाइजिंग सिचुएशन में पाए गए। हिन्दी पत्रकारिता में इसे संदिग्ध अवस्था' और 'आपत्तिजनक स्थिति कहा गया।
मैं अपनी भाषा की दरिद्रता पर रो रहा था कि साहित्य के एक अध्यापक नारे की तरह बोले- अरे, क्या नहीं है आखिर हमारे देश में?
सब है। आचार्यों ने इस सेक्स के मामले को बहुत बारीक काता है। गरम से गरम शब्द और मुहावरे हैं, पर अगर तुम्हें कुनकुनीं अभिव्यक्ति ही चाहिए तो यों कहो-मंत्री महोदय एक स्त्री के साथ मधुमती भूमिका' में पाए गए।
साहित्य में एक अध्यापक नारे की तरह क्या बोलता है।
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → अरे, क्या नहीं आखिर हमारे देश में