प्रस्तुत पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उससे सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिये -
वर्षा ऋतु की स्निग्ध भूमिका, प्रथम दिवस आषाढ़ मास का
देख गगन में श्याम घन-घटा, विधुर यक्ष का मन जब उचटा
खड़े-खड़े तब हाथ जोड़कर, चित्रकूट के सुभग शिखर पर
उस बेचारे ने भेजा था, जिनके ही द्वारा संदेशा
उन पुष्करावर्त मेघों का, साथी बनकर उड़नेवाले-
कालिदास ! सच-सच बतलाना
पर पीड़ा से पूर-पूर हो, थक-थककर औ चूर-चूर हो
अमल-धवल गिरि के शिखरों पर, प्रियवर ! तुम कब तक सोये थे
रोया यक्ष कि तुम रोये थे
कालिदास ! सच-सच बतलाना ।
उपर्युक्त काव्यांश में 'बेचारे' विशेषण का उपयोग कवि ने किसके लिए किया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → यक्ष
“विधुर यक्ष का मन जब उचटा ... उस बेचारे ने भेजा था” — 'उस बेचारे' विरह से दुखी यक्ष के लिए आया है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: मेघ — मेघ वे हैं जिनके द्वारा संदेश भेजा गया।
विकल्प 2: कालिदास — कालिदास को कवि संबोधित कर रहा है।
विकल्प 3: प्रेयसी — पद्यांश में प्रेयसी का उल्लेख नहीं है।