शासकीय पत्र के स्वरूप के संबंध में क्या सत्य नहीं है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → इसमें सबसे पहले प्रेषिती का नाम और पद लिखा जाता है।
शासकीय पत्र में सबसे पहले प्रेषक (भेजने वाले) का नाम और पद लिखा जाता है, उसके बाद प्रेषिती (पाने वाले) का; इसलिए यह कथन सत्य नहीं है।
अन्य विकल्प — (1), (3) और (4) — शासकीय पत्र के बारे में सही कथन हैं: इसमें प्रेषक और प्रेषिती दोनों के नाम तथा विषय होता है और अंत 'भवदीय' से होता है।