निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए:-
ज्यों निकलकर बादलों की गोद से,
थी अभी एक बूँद कुछ आगे बढ़ी|
सोचने फिर-फिर यही जी में लगी,
आह,क्यों छोड़कर मैं यों कढ़ी|
देव मेरे भाग्य में है क्या बदा,
मैं बचूँगी या मिलूँगी धूल में |
जल उठूँगी गिर अंगारे पर किसी,
चू पडूँगी या कमल के फूल में |
बह उठी उस काल एक ऐसी हवा,
वह समंदर ओर आई अनमनी |
एक सुंदर सीप का था मुँह खुला, वह उसी में जा गिरी, मोती बनी|
लोग अकसर हैं झिझकते - सोचते,
जबकि उनको छोड़ना पड़ता है घर|
किन्तु घर का छोड़ना अकसर उन्हें,
बूँद लौं कुछ और ही देता है कर|
उपर्युक्त पंक्तियों के आधार पर बताएं की लोग कब झिझकते है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
उपर्युक्त काव्यांश से स्पष्ट है कि लोग घर छोड़ने से झिझकते हैं क्योंकि उन्हें अज्ञात की चिंता होती है। उन्हें डर होता है कि उन्हें क्या होगा। वे अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित रहते हैं।
इसलिए, उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर जब उन्हें घर छोड़ना पड़ता है है।