निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
अरुण यह मधुमय देश हमारा!
जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।
सरस तामरस गर्भ विभा पर—नाच रही तरुशिखा मनोहर।
छिटका जीवन हरियाली पर—मंगल कुंकुम सारा!
लघु सुरधनु से पंख पसारे—शीतल मलय समीर सहारे।
उड़ते खग जिस ओर मुँह किए—समझ नीड़ निज प्यारा।
बरसाती आँखों के बादल—बनते जहाँ भरे करुणा जल।
लहरें टकराती अनंत की—पाकर जहाँ किनारा।
हेम कुंभ ले उषा सवेरे—भरती ढुलकाती सुख मेरे।
मदिर ऊँघते रहते जब—जगकर रजनी भर तारा।
पद्यांश के अनुसार पक्षी इस देश की ओर मुँह करके क्यों उड़ते हैं?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → इसे अपना प्यारा घोंसला समझकर
पक्षी इस देश को अपना प्यारा नीड़ समझकर इसकी ओर उड़ते हैं: “उड़ते खग जिस ओर मुँह किए—समझ नीड़ निज प्यारा”।
अन्य विकल्प — भोजन की खोज, आँधी से डर और दूर देश की यात्रा — इनमें से किसी का पद्यांश में उल्लेख नहीं।