निम्नलिखित पंक्तियों को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
उसका जन्म व्यर्थ है जो नर पौरुष कुछ न दिखाता है
न इस लोक, न उसी लोक में हाथ उसे कुछ आता है
ऐसा कायर तो पृथ्वी को वृथा भार पहुँचता है
अपना जीना ही जिसको एक बड़ा बोझ हो जाता है
जो तन-मन से करता है श्रम, उचित रीति से चलता है
सारी वसुधा का क्रम से, सर्वस उसको मिलता है
हाथ, पैर और नाक, कान, बुद्धि से काम जो लेता है
जीवन का सुख पाता है वह, औरों को सुख देता है
पद्यांश के अनुसार कैसा जीवन नर के लिए व्यर्थ है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → जो कुछ नहीं करता है।
पद्यांश: “उसका जन्म व्यर्थ है जो नर पौरुष कुछ न दिखाता है”; अर्थात् जो कुछ नहीं करता, उसका जीवन व्यर्थ है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: जो बहुत मेहनत करता है। — श्रम करने वाले को तो सर्वस और सुख मिलता है।
विकल्प 3 और 4: जो पुरुषार्थ करता है। / जो नर पौरुष दिखाता है। — ये उलटा भाव देते हैं; पौरुष न दिखाने वाले का जीवन व्यर्थ है।