निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर अगले पांच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
विषुवत-रेखा का वासी जो, जीता है नित हाँफ-हाँफ कर,
रखता है अनुराग अलौकिक, वह भी अपनी मातृभूमि पर।
ध्रुव वासी जो हिम में तम में, जी लेता है काँप-काँप कर,
वह भी अपनी मातृभूमि पर, कर देता है प्राण निछावर।
तुम तो हे प्रिय बन्धु! स्वर्ग सी, सुखद सकल विभवों की आकर,
धरा-शिरोमणि मातृभूमि में, धन्य हुए हो जीवन पाकर।
तुम जिसका जल-अन्न ग्रहण कर, बड़े हुए लेकर जिसका रज,
तन रहते कैसे तज दोगे, उसको हे वीरों के वंशज॥
जब तक साथ एक भी दम हो, हो अवशिष्ट एक भी धड़कन,
रखो आत्म-गौरव से ऊँची, पलकें, ऊँचा सिर, ऊँचा मन॥
निम्नलिखित शब्दों को उचित वर्ण क्रम में संयोजन कीजिए - अनुराग, अलौकिक, अन्न, आत्मगौरव
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → अन्न, अनुराग, अलौकिक, आत्मगौरव
नोट: दिया गया उत्तर NTA की आधिकारिक उत्तर कुंजी के अनुसार है। किंतु सही उत्तर विकल्प (2) प्रतीत होता है, जैसा नीचे समझाया गया है।
शब्दकोश के वर्णक्रम में किसी व्यंजन के सभी मात्रा-रूप (न, ना, नि, नु …) पहले आते हैं और उसी व्यंजन से बना संयुक्ताक्षर (न्न) उनके बाद।
अनुराग — अ + नु; 'न' पर 'उ' की मात्रा।
अन्न — अ + न्न; संयुक्ताक्षर होने से 'अनु' के बाद।
अलौकिक — अ + ल; 'ल' वर्णमाला में 'न' के बाद।
आत्मगौरव — 'आ' से आरंभ, इसलिए अंत में।
इस प्रकार शब्दकोश-क्रम के अनुसार सही क्रम अनुराग, अन्न, अलौकिक, आत्मगौरव (विकल्प 2) प्रतीत होता है। NTA उत्तर (विकल्प 1) में अन्न को 'अनुराग' से पहले रखा गया है, जो तभी बनता है जब आधे 'न्' को मात्रा-रूपों से पहले गिना जाए; सामान्य शब्दकोश-क्रम में ऐसा नहीं होता।
छात्रों के लिए सुझाव: परीक्षा में वही विकल्प चुनें जो व्याकरण या तथ्य की दृष्टि से सही हो। यदि NTA की उत्तर कुंजी में अंकित उत्तर इससे भिन्न हो, तो उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज करने की निर्धारित अवधि में उस उत्तर को चुनौती (challenge) दें।