निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
हरि गोकुल की प्रीति चलाई।
सुनहु उपँगसुत मोहिं न बिसरत ब्रजवासी सुखदाई॥
यह चित्त होत जाऊँ मैं अबही, यहाँ नहीं मन लागत।
गोप सुग्वाल गाय बन चारत अपि दुख पायो त्यागत॥
कहँ माखन चोरी? कह जसुमति 'पूत जेंव' करी प्रेम।
सूर श्याम से वचन सहित सुनी व्यापत आपन नेम॥
'उपँगसुत' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → उद्धव
“सुनहु उपँगसुत” — उपँगसुत (उपंग के पुत्र) उद्धव हैं, जिन्हें श्रीकृष्ण संबोधित कर रहे हैं।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: कृष्ण — वे वक्ता हैं।
विकल्प 3: गोपियाँ — वे ब्रजवासी हैं, जिन्हें कृष्ण याद करते हैं।
विकल्प 4: सूरदास — वे पद के रचयिता हैं।