'रस्सी जल गई पर ऐंठ न गई' लोकोक्ति का अर्थ है -
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → सब कुछ नष्ट हो जाने पर भी घमंड न जाना
'रस्सी जल गई पर ऐंठ न गई' का अर्थ है सब कुछ नष्ट हो जाने पर भी घमंड न जाना।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: एक काम से दो लाभ होना — यह 'आम के आम गुठलियों के दाम' का अर्थ है।
विकल्प 2: थोड़ा ज्ञान होने पर अधिक दिखावा करना — यह 'अधजल गगरी छलकत जाय' का अर्थ है।
विकल्प 3: जो कुछ मिल जाए वही बहुत है — यह 'भागते भूत की लँगोटी भली' का अर्थ है।