दी गई पंक्तियों में कौन-सा रस है?
"सावन आया, झूले पड़ गए, पर परदेस गए पिया न आए; बिरहिन की अँखियाँ दिन-रात राह निहारें"
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → वियोग शृंगार
नायिका प्रिय से दूर है और उसके लौटने की राह देख रही है — रति भाव बिछोह की दशा में है, इसलिए वियोग शृंगार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: संयोग शृंगार — प्रिय के साथ होने का वर्णन — यहाँ नायक-नायिका का मिलन नहीं है।
विकल्प 3: करुण रस — प्रिय के सदा के लिए बिछुड़ने (मृत्यु) पर शोक — यहाँ प्रिय जीवित है और उसके लौटने की आशा है।
विकल्प 4: शांत रस — संसार से विरक्ति (निर्वेद) — यहाँ वैराग्य नहीं, प्रेम है।