निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए- माटी तुझे प्रणाम, मेरे पुण्य देश की माटी तू कितनी अभिराम। तुझे लगा माथे से सारे कष्ट हो गए दूर, क्षण भर में ही भूल गया मैं शक्ति मंत्रणा क्रूर। स्फूर्ति का इस काया में हुआ पुनः संचार, लगता जैसे आज युगों के बाद मिला विश्राम। तुझसे बिछड़कर मिला प्राणों को कभी न पल भर चैन, तेरे दर्शन हेतु रात दिन तरस रहे थे नैन। धन्य हुआ तेरे चरणों में आकर यह अस्तित्व, हुई साधना सफल भगत को प्राप्त हो गए राम। माटी तुझे प्रणाम। |
उपर्युक्त पद्यांश में कवि माटी के प्रति किस भावना से परिपूर्ण है? |
प्रेम कृतज्ञता आत्मीयता लघुता |
कृतज्ञता |
सही उत्तर विकल्प (2) है → कृतज्ञता |