निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
बर्फ़ की चादर ओढ़े सोई, चुप-चुप ऊँची घाटी है,
सीमा पर मैं जाग रहा हूँ, साथ मेरे यह माटी है।
सन-सन करती शीत हवाएँ, गालों को छू जाती हैं,
माँ के आँचल की गरमी की, याद मुझे दे जाती हैं।
दूर कहीं मेरे गाँव में, सरसों फूल रही होगी,
तुलसी के चौरे पर माँ, दीपक बाल रही होगी।
बाबा खेतों से लौटे होंगे, कंधे पर हल धरकर,
बहना राह निहार रही होगी, चिट्ठी की आस लगाकर।
पर पलकों में नींद नहीं है, मन में कोई डर भी नहीं,
जिस धरती ने जन्म दिया, उससे बढ़कर घर भी नहीं।
चाँद-सा उजला यह हिम-पर्वत, मेरा मंदिर, मेरा धाम,
इसकी रक्षा में मिट जाऊँ, तो भी अमर रहेगा नाम।
पद्यांश में प्रयुक्त ‘अमर’ शब्द का विलोम है -
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → नश्वर
अमर का अर्थ है जो कभी न मरे; इसका विलोम नश्वर (नष्ट होने वाला) है: “तो भी अमर रहेगा नाम”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: अजर — ‘अजर’ का अर्थ है जो बूढ़ा न हो; यह ‘अमर’ का विलोम नहीं।
विकल्प 2: अटल — ‘अटल’ का अर्थ है जो टले नहीं, स्थिर।
विकल्प 3: अमिट — ‘अमिट’ का अर्थ है जो मिटे नहीं; यह ‘अमर’ के निकट का भाव है, विलोम नहीं।