"उत्साह" रस का स्थायी भाव क्या होता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
"उत्साह" रस का स्थायी भाव वीर होता है।
नौ रसों में से वीर रस वीरता, शौर्य, साहस और दृढ़ता जैसे भावों को जागृत करता है। इसका स्थायी भाव उत्साह है, जो कविता या कहानी में वर्णित वीरतापूर्ण कार्यों से पाठक या श्रोता में जागृत होता है।
अन्य विकल्पों पर विचार करें:
- करुण: करुण रस का स्थायी भाव शोक है।
- हास्य: हास्य रस का स्थायी भाव हास है।
- श्रृंगार: श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति है।
इसलिए, सही उत्तर (2) वीर है।