निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- ऊर्जा मानव की अनिवार्य आवश्यकताओं में से एक है। कुल उत्पादित ऊर्जा का 56 प्रतिशत ताप बिजली से, 30 प्रतिशत जल से, 6 प्रतिशत पेट्रोलियम से और शेष अन्य सभी स्रोतों से प्राप्त होती है। अद्यतन आंकड़े के अनुसार वर्तमान समय में भारत में जितनी ऊर्जा उपलब्ध है, उसकी पांच गुनी खपत है। इस कारण से भारत जैसे विकासशील देशों के लिए यह एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, क्योंकि पिछली मांग की आपूर्ति होती नहीं कि नवीन माँगें उठने लगती हैं। 1937 ई. में पहली बार दुनिया के तमाम विकसित और विकासशील देश एकत्र हुए और इसपर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया, जिसमें समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि अगले 30 वर्षों में वे तमाम स्रोत नष्ट हो जाएँगे, जिनसे ऊर्जा प्राप्त की जा रही है। कहने को तो यह कहा जाता रहा है कि ऊर्जा की बढ़ती मांग का कारण है बढ़ती आबादी, परन्तु असल कारण कुछ और ही है। पूरे विश्व में पूंजीवादी अर्थव्यवस्था है। मुनाफाखोरी और निजी संपत्ति जमा करने की होड़ लगी हुई है, मानव को परिसंपत्ति के रूप में बदलने की कोई विशेष योजना किसी देश के पास नहीं है, मानव-संसाधनों का बड़ा दुरुपयोग हो रहा है। विश्व में एक तरफ भूखे नंगों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और दूसरी तरफ कुछ लोगों के पास पूंजी सिमटती जा रही है। ऊर्जा के नए स्रोतों की खोज व्यापक स्तर पर नहीं हो रही है। साम्राज्यवादी नीति भी ऊर्जा संकट के गहराने का एक महत्वपूर्ण कारण है। इसके लिए ऊर्जा का भारी मात्रा में दुरुपयोग हो रहा है। इस भीमकाय संकट से मुक्ति का एकमात्र उपाय है- ऊर्जा के अक्षय स्रोतों का पता लगाना और युद्धस्तर पर काम करना। |
गद्यांश के अनुसार जल स्रोत से कितने प्रतिशत ऊर्जा प्राप्त की जा रही है? |
6 प्रतिशत 9 प्रतिशत 30 प्रतिशत 25 प्रतिशत |
30 प्रतिशत |
सही उत्तर विकल्प (3) है → 30 प्रतिशत |