नीचे दिए गए पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिये -
लक्ष्मी थी या दुर्गा थी, वह स्वयं वीरता की अवतार,
देख मराठे पुलकित होते उसके तलवारों के वार,
नकली युद्ध, व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार,
सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना ये थे उसके प्रिय खिलवार,
महाराष्ट्र कुलदेवी उसकी भी आराध्य भवानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।
हुई वीरता की वैभव के साथ सगाई झाँसी में,
ब्याह हुआ रानी बन आई लक्ष्मीबाई झाँसी में,
राजमहल में बजी बधाई खुशियाँ आई झाँसी में,
सुभट बुंदेलों की विरुदावलि-सी वह आई झाँसी में।
पद्यांश में प्रयुक्त 'सुभट' शब्द का अर्थ है -
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → श्रेष्ठ योद्धा
सुभट = सु (अच्छा) + भट (योद्धा), अर्थात् श्रेष्ठ योद्धा: “सुभट बुंदेलों की विरुदावलि-सी वह आई झाँसी में”।
अन्य विकल्प — धनवान, बड़े शरीर वाले और युद्ध में परास्त — 'सुभट' के अर्थ नहीं हैं।