‘यमक’ अलंकार के उदाहरण हैं –
A. कानन कठिन भयंकर भारी, घोर धाम हिमवारि बयारी।
B. तीन बेर खाती थी वो तीन बेर खाती हैं।
C. सिंधु-सा विस्तृत और अथाह एक निर्वासित का उत्साह।
D. जेते तुम तारे नभ में न तारे हैं।
E. पच्छी परछीने ऐसे परे पर छीने बीर, तेरी बरछीने बर छीने हैं खलन के।।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → केवल B, D, E
यमक में एक ही शब्द बार-बार आता है और हर बार उसका अर्थ अलग होता है।
(A) कानन कठिन भयंकर भारी... — यमक नहीं; 'क' वर्ण की आवृत्ति (अनुप्रास)।
(B) तीन बेर खाती थी... — यमक; 'तीन बेर' = तीन बार / तीन बेर (फल)।
(C) सिंधु-सा विस्तृत... — यमक नहीं; 'सा' से तुलना (उपमा)।
(D) जेते तुम तारे... — यमक; 'तारे' = उद्धार किए / आकाश के तारे।
(E) पच्छी परछीने... — यमक; 'परछीने' (पंख कटे) / 'पर छीने', 'बरछीने' (बरछी ने) / 'बर छीने' (बल छीना)।