निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
अगर आप अपनी जिंदगी को असाधारण बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपके लिए जानना जरूरी है कि व्यक्तिगत सफलता से आपकी क्या मुराद है, अपने नजरिये को वास्तविक रूप देने के लिए आपको क्या करना चाहिए? यहीं लक्ष्य निर्धारण की बात आती है। दरअसल, लक्ष्य आपको स्पष्ट दिशा दिखाते हैं। वे आपको इस बात के लिए तैयार करते हैं कि आप अपने गंतव्य का मार्ग चुनें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सफर की शुरुआत करें।
एक बार जब आप अपने जीवन का उद्देश्य समझ जाते हैं, और उसको लेकर अपना नजरिया स्पष्ट हो जाता है, तो उन उद्देश्यों को हासिल हो सकने वाले लक्ष्यों में आपको ढालना पड़ता है, और फिर उन लक्ष्यों के लिए आप अनथक कर्म में जुट जाते हैं। ऐसे में, आपमें वह सब कुछ हासिल करने की शक्ति आ जाती है, जिसकी आप कल्पना करते हैं। एंड्रयू कार्नेगी ने कहा है, ‘अगर आप खुश होना चाहते हैं, तो कोई ऐसा लक्ष्य निर्धारित करें, जो आपके विचारों को नियंत्रित करे, आपकी ऊर्जा को मुक्त करे और आपकी उम्मीदों को परवाज दे।’
मानव मस्तिष्क कैसे काम करता है, इस पर दशकों के वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि हमारा मस्तिष्क एक लक्ष्य प्राप्त करने वाला अंग है। जैसे ही हम, अपने अवचेतन मन को कोई स्पष्ट लक्ष्य सौंपते हैं, हमारा दिमाग सक्रिय हो जाता है और उस लक्ष्य को पूरा करने में मददगार तमाम जानकारियों, संसाधनों और अवसरों की तलाश शुरू कर देता है। कभी-कभी हमें लगता है कि ये अवसर और संसाधन जैसे जादू की तरह प्रकट हो गए, पर सच यह है कि ये पहले से मौजूद होते हैं, बस ओझल होते हैं। वास्तव में, बदलते तो हम हैं।
लक्ष्यहीन जीवन की कोई दिशा नहीं होती। हम बस एक स्थिति से दूसरी स्थिति में उछलते रहते हैं, बजाय इसके कि हम अपने जीवन को इच्छित गंतव्य की ओर ले जाएं। हमारा जीवन अपनी इच्छाओं की तुलना में बाहरी लोगों व परिस्थितियों से अधिक आकार लेने लगता है। यदि हम अपनी पसंद का जीवन बनाना चाहते हैं, तो हमें अपने लिए स्पष्ट व्यक्तिगत लक्ष्य निर्धारित करने ही होंगे।
ये लक्ष्य दो प्रकार के होने चाहिए – अल्पकालिक और दीर्घकालिक। आप पाएंगे कि प्रत्येक लक्ष्य की प्राप्ति के साथ अपनी क्षमताओं पर आपका भरोसा बढ़ता जाएगा। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपको अपने ‘कंफर्ट जोन’ से बाहर कदम रखने और नए कौशल व नए अनुभव हासिल करने की जरूरत पड़ेगी। आपको जोखिम उठाना पड़ेगा। तो विलंब मत कीजिए, अपने जीवन के लक्ष्य तय कीजिए।
खुश रहने का कौन सा सूत्र गद्यांश में बताया गया है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → विचारों को नियंत्रित, ऊर्जा को मुक्त एवं उम्मीदों को परवाज़ देने वाला लक्ष्य निर्धारण
एंड्रयू कार्नेगी का कथन: “अगर आप खुश होना चाहते हैं, तो कोई ऐसा लक्ष्य निर्धारित करें, जो आपके विचारों को नियंत्रित करे, आपकी ऊर्जा को मुक्त करे और आपकी उम्मीदों को परवाज दे।”
अन्य विकल्प — निराश रहना, दूसरों को नजरअंदाज करना और हास्य कार्यक्रम देखना — गद्यांश में खुश रहने के सूत्र नहीं बताए गए हैं।