बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाय।
सौंह करे, भौंहनि हँसे, देन कहे, नटि जाय।।
नासा मोरि, नचाइ दृग, करी कका की सौंह।
काँटे सी कसके हिए, गड़ी कँटीली भौंह।।
ललन चलन सुनि पलन में, अँसुवा झलके आइ।
भई लखाइ न सखिन्ह हू, झूठै ही जमुहाइ।।
उपरोक्त पद्यांश से संबंधित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बताएं
उपरोक्त पद्यांश में मुरली कौन छुपा रहा है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → राधा
“बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाय” — कृष्ण (लाल) से बातें करने के लिए राधा उनकी मुरली छिपा देती है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: बिहारी — इन दोहों के रचनाकार हैं।
विकल्प 2: मीरा — पद्यांश में मीरा का उल्लेख नहीं है।
विकल्प 3: कृष्ण — मुरली कृष्ण की है, जो छिपाई गई है।