निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा को सौर ऊर्जा कहते हैं। सूर्य का प्रकाश हमें बिना किसी मूल्य के मिलता है। यह कोयले या तेल की तरह खत्म हो जाने वाला भंडार भी नहीं है, इसी कारण सौर ऊर्जा को नवीकरणीय ऊर्जा माना जाता है। छतों पर लगी सौर पट्टियाँ धूप को सीधे बिजली में बदल देती हैं। इस बिजली से घर के बल्ब और पंखे चलाए जा सकते हैं। दिन में बची हुई बिजली को बैटरी में जमा करके रात में काम में लिया जा सकता है।
सौर ऊर्जा का एक बड़ा लाभ यह है कि इससे बिजली बनाते समय धुआँ नहीं निकलता, इसलिए वायु प्रदूषित नहीं होती। दूर-दराज़ के जिन गाँवों तक बिजली के तार पहुँचाना कठिन है, वहाँ भी छोटी सौर इकाइयाँ रोशनी पहुँचा सकती हैं। सौर कुकर से भोजन पकाया जा सकता है और सौर हीटर से पानी गरम किया जा सकता है। फिर भी इसकी कुछ सीमाएँ हैं। रात में ये पट्टियाँ बिजली नहीं बनातीं और बादल वाले दिनों में कम बनाती हैं, इसलिए भंडारण का प्रबंध करना पड़ता है। पट्टियाँ लगाने का आरंभिक खर्च भी कई परिवारों को भारी लगता है, यद्यपि बाद में बिजली का बिल घटने से यह खर्च प्रायः धीरे-धीरे निकल आता है। पट्टियों पर धूल जम जाए तो वे कम बिजली बनाती हैं, अतः समय-समय पर उनकी सफ़ाई ज़रूरी है। यदि लोग इन बातों को समझकर सौर ऊर्जा को अपनाएँ, तो सूरज की धूप घर-घर का सहारा बन सकती है।
गद्यांश के अनुसार सौर ऊर्जा को नवीकरणीय ऊर्जा क्यों माना जाता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → इसका स्रोत कोयले-तेल की तरह खत्म नहीं होता।
गद्यांश में लिखा है: “यह कोयले या तेल की तरह खत्म हो जाने वाला भंडार भी नहीं है, इसी कारण सौर ऊर्जा को नवीकरणीय ऊर्जा माना जाता है।”
अन्य विकल्प — (1), (3) और (4) — ये सौर ऊर्जा के लाभ या उपयोग हैं, पर गद्यांश इन्हें इसके नवीकरणीय होने का कारण नहीं बताता।