निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित अगले पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
भोर से पहले जाग उठते थे माँ के हाथ,
आँगन बुहारते, तुलसी को जल देते,
चूल्हे की आँच पर रोटियाँ सेंकते
और हर रोटी में थोड़ा-सा प्यार रख देते।
उनकी हथेलियाँ खुरदरी थीं पेड़ की छाल-सी,
पर छू लेतीं तो बुखार भी उतर जाता था,
फटे कुरते पर टाँका लगाते-लगाते
वे घर की हर दरार को सी देती थीं।
आज वही घर है, वही दीवारें, वही द्वार,
पर बिना उन हाथों के सब सूना-सूना है,
मैं जब भी थककर लौटता हूँ साँझ को
माथे पर उनकी उँगलियों की छुअन ढूँढ़ता हूँ।
माँ, तुम्हारे हाथों ने जो घर बनाया
वह ईंटों से नहीं, स्नेह से बना था।
'उनकी हथेलियाँ खुरदरी थीं पेड़ की छाल-सी' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → उपमा अलंकार
यहाँ माँ की खुरदरी हथेलियों की तुलना पेड़ की छाल से की गई है और वाचक शब्द ‘सी’ आया है: “उनकी हथेलियाँ खुरदरी थीं पेड़ की छाल-सी”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: अनुप्रास — पंक्ति में किसी वर्ण की बार-बार आवृत्ति नहीं है।
विकल्प 2: रूपक — रूपक में उपमेय और उपमान को एक मान लिया जाता है, यहाँ 'सी' से केवल समानता बताई गई है।
विकल्प 3: मानवीकरण — यहाँ किसी निर्जीव वस्तु पर मानवीय क्रिया का आरोप नहीं है।