निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें। सूरज हमें रोशनी देता, हवा नया जीवन देती है भूख मिटाने को हम सबकी धरती पर होती खेती है औरों का भी हित हो जिसमें, हम ऐसा कुछ करना सीखें। पथिकों को जलती दोपहर में, पेड़ सदा देते हैं छाया खुशबू भरे फूल देते हैं, हमको नव फूलों की माला त्यागी तरुओं के जीवन से, हम भी तो कुछ देना सीखें। |
उपर्युक्त पद्यांश में कवि हमसे किसकी बात कर रहा है? |
लोभ की इर्ष्या की परहित की दुःख की |
परहित की |
सही उत्तर विकल्प (3) है → परहित की |