निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए:-
प्राचीन काल में लंका के राजा रावण के पास अथाह धन एंव विशाल सैन्य शक्ति थी|
वह बहुत ही बलशाली , कुशाग्रबुद्धि एंव चारों वेदों का ज्ञाता था | लेकिन उसमें चारित्रिक
बल की कमी थी इसी वजह से लोग उसे राक्षस कहते हैं| चरित्र सचमुच में व्यक्ति की अमूल्य
सम्पत्ति होती है| चरित्रहीन व्यक्ति चाहे कितनी ही विद्या अर्जित कर ले , धन जुटा ले या ऊँचे
पद पर आसीन हो जाए, सब व्यर्थ है क्योंकि वह कभी भी समाज का सम्मानित व्यक्ति नहीं
हो सकता| उसको दिया गया सम्मान दिखावटी होता है| चरित्रवान व्यक्ति से लोग प्रभावित होकर
उसका अनुगमन करते हैं एंव सच्चे मन से आदर करते है|
कौन-सा व्यक्ति सच्चे मन से आदर के लायक होता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर चरित्रवान हो है।
आदर का अर्थ है सम्मान, श्रद्धा, और प्रतिष्ठा। आदर केवल ऐसे व्यक्ति को मिलता है जो चरित्रवान हो। चरित्रवान व्यक्ति वह होता है जो सत्य, न्याय, और कर्तव्य का पालन करता हो। वह दूसरों का सम्मान करता हो और दूसरों के प्रति दयालु और करुणावान होता हो।
बलवान, ऊँचे पद पर आसीन, और कुशाग्र बुद्धि का होना भी सम्मान के योग्य गुण हैं, लेकिन ये गुण चरित्रवान होने के बिना अधूरे हैं। एक बलवान व्यक्ति भी यदि चरित्रहीन हो, तो वह सम्मान का पात्र नहीं होगा। एक ऊँचे पद पर आसीन व्यक्ति भी यदि चरित्रहीन हो, तो वह सम्मान का पात्र नहीं होगा। एक कुशाग्र बुद्धि का व्यक्ति भी यदि चरित्रहीन हो, तो वह सम्मान का पात्र नहीं होगा।