ऊँच-नीच का भेद न माने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,
दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।
क्षत्रिय वही, भरी हो जिसमें निर्भयता की आग,
सबसे श्रेष्ठ वही ब्राह्मण है, हो जिसमें तप-त्याग।
तेजस्वी सम्मान खोजते नहीं गोत्र बतला के,
पाते हैं जग से प्रशस्ति अपना करतब दिखला के।
हीन मूल की ओर देख जग गलत कहे या ठीक,
वीर खींचकर ही रहते हैं इतिहासों में लीक।
पद्यांश में 'लीक' शब्द का क्या अर्थ है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → लकीर
लीक का अर्थ है लकीर या रेखा: “वीर खींचकर ही रहते हैं इतिहासों में लीक”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: तलवार — 'लीक' का तलवार से कोई संबंध नहीं।
विकल्प 2: लकुटी — 'लकुटी' का अर्थ है छोटी लाठी।
विकल्प 4: पानी बहना — लीक इतिहास में खींची जाती है, इसका पानी से संबंध नहीं।