निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिये -
बार-बार आती है मुझको मधुर याद बचपन तेरी।
गया ले गया तू जीवन की सबसे मस्त खुशी मेरी।
चिंता रहित खेलना-खाना वह फिरना निर्भय स्वच्छंद।
कैसे भूला जा सकता है बचपन का अतुलित आनंद?
ऊंच-नीच का ज्ञान नहीं था छुआ-छूत किसने जानी?
बनी हुई थी वहां झोंपड़ी और चीथड़ों में रानी।
रोना और मचल जाना भी क्या आनंद दिखाते थे।
बड़े-बड़े मोती से आँसू जयमाला पहनाते थे।
वह सुख का साम्राज्य छोड़कर मैं मतवाली बड़ी हुई।
लुटी हुई, कुछ ठगी हुई-सी दौड़ द्वार पर खड़ी हुई।
उपर्युक्त पद्यांश का इनमें से सर्वाधिक उचित शीर्षक होगा -
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → मेरा बचपन