निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर अगले पांच प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
विषुवत-रेखा का वासी जो, जीता है नित हाँफ-हाँफ कर,
रखता है अनुराग अलौकिक, वह भी अपनी मातृभूमि पर।
ध्रुव वासी जो हिम में तम में, जी लेता है काँप-काँप कर,
वह भी अपनी मातृभूमि पर, कर देता है प्राण निछावर।
तुम तो हे प्रिय बन्धु! स्वर्ग सी, सुखद सकल विभवों की आकर,
धरा-शिरोमणि मातृभूमि में, धन्य हुए हो जीवन पाकर।
तुम जिसका जल-अन्न ग्रहण कर, बड़े हुए लेकर जिसका रज,
तन रहते कैसे तज दोगे, उसको हे वीरों के वंशज॥
जब तक साथ एक भी दम हो, हो अवशिष्ट एक भी धड़कन,
रखो आत्म-गौरव से ऊँची, पलकें, ऊँचा सिर, ऊँचा मन॥
कवि ने देशवासियों को जगाने के लिए इनमें से किसका उदाहरण नहीं दिया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
सही उत्तर विकल्प (4) है → जंगल के वासियों का
पद्यांश में जंगल के वासियों का कोई उल्लेख नहीं है।
अन्य विकल्प — विषुवत-रेखा के वासी, ध्रुव वासी और मातृभूमि पर प्राण निछावर करने वाले लोग — पद्यांश में उदाहरण के रूप में आए हैं।