निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
रोटी उसकी, जिसका अनाज, जिसकी जमीन, जिसका श्रम है,
अब कौन उलट सकता है स्वतंत्रता का सीधा क्रम है।
आज़ादी है अधिकार परिश्रम का पुनीत फल पाने का,
आज़ादी है अधिकार शोषणों की धज्जियाँ उड़ाने का।
गौरव की भाषा नई सीख, भिखमंगों की आवाज बदल,
सिमटी बाहों को खोल गरुड़, उड़ने का अब अंदाज बदल।
स्वाधीन मनुज की इच्छा के आगे पहाड़ हिल सकते हैं,
रोटी क्या? ये अम्बरवाले सारे शृंगार मिल सकते हैं।
कविता के अनुसार 'रोटी उसकी' से क्या अभिप्राय है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → जिस व्यक्ति का अनाज, जमीन और श्रम है रोटी उसी की है
पहली पंक्ति: “रोटी उसकी, जिसका अनाज, जिसकी जमीन, जिसका श्रम है”।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: रोटी सबकी है — कवि रोटी को सबकी नहीं, श्रम करने वाले की बताता है।
विकल्प 2: रोटी केवल अमीरों की है — कविता धन का नहीं, श्रम का अधिकार बताती है।
विकल्प 4: उसकी है जो उसे क्रय कर सकता है — खरीदने की क्षमता की बात कविता में नहीं है।